मौताना
Lets watch what happened to Kanji and how!
एक बूढी औरत गाँव से 70 किलोमीटर दूर पुलिस स्टेशन जाकर बताती की उसके बेटे कांजी की लाश पिछले 18 महीने से गाूँव के एक पेड़ पे लटक रही है। वो पुलिस वालों को मौताणा नाम की प्रथा के बारे में बताती है। पुलिस वाले जब गाँव जाकर कांजी की लाश पेड़ से निचे उतारने की तैयारी करते हैं तो गाँव का सरपंच और भी बहुत से लोग पुलिस को ऐसा नहीं करने देते हैं। वो पुलिस को चेतावनी देते हैं की कांजी की लाश पेड़ से तभी उतारी जायेगी जब उसका मौताणा दिया जाएगा क्यूंकि कांजी एक नशेड़ी था और उसने आत्महत्या कर ली थी।
अब पुलिस जानने की कोशिश करती है की कांजी की मौत हुई कैसे।
मौताणा राजस्थान के गांवों का एक पुराना रिवाज़ है। मौताणा शब्द को दो भागों में बांटा जा सकता है, “मौत” और “आना” मतलब पैसा। मौताणा का मतलब है मौत होने पर मुआवजा देना। कोई व्यक्ति अगर कर्ज़ा चुकाए बिना मर जाता है तो उसकी लाश को एक पेड़ से लटका दिया जाता है और लाश को तब तक उतार नहीं जाता जब तक पूरा कर्ज़ा चुकाया न जाए।
दक्षिण-पश्चिम राजस्थान के घने पहाड़ों वाले इलाकों पर ये रिवाज़ अभी भी पाया जाता है। अति पिछड़ा वर्ग, जहाँ के लोग खेती करना भी नहीं जानते हैं और प्राकृतिक चीजों और जानवरों पर निर्भर होते हैं। इन में से बहुत से लोग किसी मोहल्ला या घरों में नहीं रहते बल्कि घने जंगलों में बसे हुए रहते हैं।
SonyLiv:
http://www.sonyliv.com/watch/crime-patrol-satark-27th-october-2015-mautana
YouTube:
http://www.youtube.com/watch?v=QSMmqQZ6DSQ
Here is the inside story of the case:
www.crimestories.co.in/2015/10/crime-patrol-corpse-is-left-hanging-for.html


