तीन लोग एक SUV कार में सवार है जिनमे से एक कार चला रहा है। गाडी बेलगाम, कर्णाटक की है और अभी मुम्बई में है। एक जगह ट्रैफिक पुलिस का औचक निरिक्षण चल रहा है जहाँ पर इस कार को रोक जाता है क्योंकि इसकी खिड़कियों पर काली फिल्म चढ़ी हुई है। ड्राइवर देवेंद्र गौड़ा गाडी रोकता है और पेपर दिखाने के लिए उतर जाता है। इसी बीच कार के अंदर बैठे दो लोग कार लेकर अचानक फरार हो जाते हैं। ट्रैफिक पुलिस अपनी सभी पेट्रोलिंग टीम्स को अलर्ट करती है की सफ़ेद रंग की SUV जहाँ भी वो पाएं उसको रोके।
पेट्रोलिंग टीम्स कई जगह ढूंढती हैं और आखिरकार एक रोड के किनारे वो SUV खड़ी मिलती है। गाडी के अंदर कोई नहीं है। ट्रैफिक पुलिस उस ड्राइवर को पुलिस को सौप देती है और कड़ी पूछताछ करती है। वो ड्राइवर लगातार ये बोल रहा है की वो सिर्फ इन दो लोगों के नाम जानता है इसके अलावा कुछ नहीं जानता। वो एक साधारण ड्राइवर है जिसको इनलोगों ने पांच हज़ार रूपये देकर गाड़ी को बेलगाम से मुम्बई लाने के लिए रखा था और बस का वापसी का किराया भी दिया था। पुलिस को समझ नहीं आ रहा है की आखिरकार ये लोग कौन थे और गाडी में ऐसा क्या ले जा रहे थे जिसकी वजह से वो लोग गाडी लेकर भाग गए।
कर्नाटक के RTO ऑफिस से पता चलता है की गाडी का नंबर फर्जी है। गाडी के चेचिस नंबर का पता लगाने पर पता चलता है की ये गाडी कई महीने पहले इसके ड्राइवर गिरधर हेगड़े की हत्या कर के चोरी कर ली गई थी। कार कंपनी की तरफ से ये गाड़ी बेलगाम से मैंगलोर भेजी जानी थी मगर बीच में ही इसके ड्राइवर की हत्या कर के गाडी चोरी कर ली गई।
SonyLiv:
Part 1: www.sonyliv.com/Taandav-Crime-Patrol-Satark
Part 2: www.sonyliv.com/Taandav-2-Crime-Patrol-Satark
YouTube:
Part 1: youtu.be/mDIGm98bm9I
Part 2: youtu.be/bKCbz_iIJZM
Here is the inside story of the case:
www.crimestories.co.in/2016/11/crime-patrol-mumbai-cops-stop-car-with.html


