अग्नि | The Fire
The Rise and Fall of Dosa King P. Rajagopal
Crime Patrol Satark (Black Headlines) Episode 121 | Also on Crime Alert, Dangal TV
The shocking true story of P. Rajagopal, the Dosa King and founder of the global chain Saravana Bhavan. From a small grocery shop in Chennai to a multi-million rupee empire and a dramatic fall from grace. This is the complete case story featured on Crime Patrol and Crime Alert.
In This Article: The Saravana Bhavan Murder Case
The Early Life of P. Rajagopal: From Tuticorin to Chennai
डोसा किंग पी. राजगोपाल मूल रूप से तमिलनाडु के तुतीकोरिन (Thoothukudi) का रहने वाला था। उसके माँ-बाप प्याज की खेती करते थे और वह उनकी इकलौती संतान था। 1973 के आसपास, प्याज़ की खेती ही इस परिवार की इकलौती आय थी। राजगोपाल का खेती में मन नहीं लगता था, इसलिए वह अपना गाँव छोड़कर मद्रास (चेन्नई) आ गया।
The First Shop & The Astrologer’s Advice
चेन्नई के के.के. नगर (KK Nagar) में उसने एक छोटी सी किराने की दुकान खोली, जिसे उसने लगभग 8 साल तक चलाया। इसी बीच उसकी मुलाकात एक ज्योतिषी से हुई। उस ज्योतिषी ने उसे सलाह दी कि वह किराने की दुकान छोड़कर एक रेस्टोरेंट खोले, तो उसे ज्यादा मुनाफ़ा होगा।
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The Rise of Saravana Bhavan: A 1 Rupee Dosa to a Global Chain
ज्योतिषी के कहने पर राजगोपाल ने एक रेस्टोरेंट खोला जिसका नाम उसने रखा सर्वना भवन (Saravana Bhavan)। इस रेस्टोरेंट में उसने डोसा, इडली, वड़ा और पूरी बनाना और बेचना शुरू किया। 70 का दशक ऐसा समय था जब भारत में लोग बाहर खाने के बारे में सोचते भी नहीं थे। राजगोपाल ने नारियल तेल और उच्च गुणवत्ता के मसालों का इस्तेमाल किया। शुरुआत में उसने एक थाली की कीमत सिर्फ 1 रुपया रखी, जिससे पहले महीने में ही 10 हजार रुपये का घाटा हुआ। मगर उसने हार नहीं मानी। पी. राजगोपाल की मेहनत रंग लाई और चेन्नई में सर्वना भवन सबसे मशहूर रेस्टोरेंट बन गया। उसने अपने स्टाफ को अच्छी सैलरी और मेडिकल इंश्योरेंस दिया, जिसके कारण वे उसे “अन्नाची” (बड़े भाई) कहकर बुलाते थे।
Blind Faith: The Astrologer’s Control
ज्योतिषी के प्रभाव में, राजगोपाल ने सफेद कपड़े पहनने और माथे पर बड़ा चंदन का टीका लगाना शुरू कर दिया। वह ज्योतिषी को भगवान मानता था और उसकी फोटो रेस्टोरेंट में लगा रखी थी।
The Beginning of the End: Obsession with Jeevajyoti
अमीरी के बाद राजगोपाल ने दो शादियाँ कीं, लेकिन दोनों पत्नियाँ उसे छोड़ गईं। 50-55 साल की उम्र में उसने तीसरी शादी करने का निर्णय लिया। सन 2000 में उसकी मुलाकात जीवज्योति (Jeevjothi) से हुई, जो उसके कंपनी के एक असिस्टेंट मैनेजर रामास्वामी की बेटी और शादीशुदा थी।

The Crime: Murder Conspiracy & Fall of the Dosa King
जीवज्योति ने उसके प्रस्ताव को ठुकरा दिया। इसके बाद, राजगोपाल ने उसके पति शांताकुमार को धमकाने और पैसे देकर समझौता करने की कोशिश की। जब सब नाकाम रहा, तो उसने 2001 में हत्या का षड्यंत्र रचा। जांच के बाद पी. राजगोपाल और उसके साथियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। अपीलों के लंबे दौर के बाद, 2019 में जेल में ही उसकी मृत्यु हो गई।
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Story Name: Andhvishwas (Superstition) YouTube Promo Link: Watch on YouTube






