Posted On: Monday, January 20, 2020

The Fire: The Rise and Fall of Madras' (Chennai) Dosa King, founder of "Saravana Bhavan" P. Rajagopal (Ep 121 on 07 Jan, 2020 Crime Patrol Satark Black Headlines)

अग्नि
The Fire

(Black Headlines, Ep. 121)
Also Featured by Crime Alert on Dangal TV (17 Jan, 2020)
डोसा किंग राजगोपाल मूल रूप से तमिलनाडु के तोतिकोरीन का रहने वाला था। इसके माँ-बाप प्याज की खेती करते थे और ये उनकी इकलौती संतान था। प्याज़ की खेती ही इस परिवार की इकलौती आय थी और ये बात है कुछ 1973 की। राजगोपाल का खेती मे मन नहीं लगता था इसलिए वो अपना गाँव छोड़ कर मद्रास यानि की चेन्नई या गया। चेन्नई के केके नगर मे उसने एक छोटी सी किराने की दुकान खोल ली जो की उसने कुछ 8 साल तक चलाई। इसी बीच उसकी मुलाकात एक ज्योतिषी से हुई। उस ज्योतिषी ने उसको सलाह दी की वो किराने की दुकान छोड़ कर एक रेस्टोरेंट खोले तो उसको ज्यादा मुनाफ़ा होगा।
ज्योतिषी के कहेनुसार राजगोपाल ने एक रेस्टोरेंट खोला जिसका नाम उसने दिया सर्वना भवन। इस रेस्टोरेंट मे इसने दोसां इडली, वड़ा और पूरी बनाना और बेचना शुरू किया। 70 का दशक एक ऐसा समय था जब हमारे देश के लोग बाहर रेस्टोरेंट मे खाना खाने का सोचते भी नहीं थे लेकिन फिर भी राजगोपाल ने ये रिस्क लिया। उसने पूरी, इडली, डोसा और वड़ा बनाने के लिए कोकनट ऑयल का इस्तेमाल किया और मसाले भी वो अच्छे क्वालिटी के ही इस्तेमाल करता था। शुरुवात करते समय उसने इस एक थाली की कीमत रखी सिर्फ 1 रुपया जिसके चलते उसको पहले महीने मे ही 10 हजार की पहाड़ जैसी रकम का लॉस हुआ। मगर राजगोपाल इस घाटे से हतोत्साहित नहीं हुआ और न ही उसके क्वालिटी से कोई समझौता किया।

पी. राजगोपाल की मेहनत आखिरकार रंग लाई और धीरे धीरे ऐसा होने लगा की चेन्नई शहर मे कोई भी बाहर खाने का कोई प्रोग्राम बनाता तो उसके जहां मे सबसे पहले सर्वना रेस्टोरेंट का ही नाम आता। मुनाफ़े को देखते हुआ उसके स्टाफ को भी अच्छी सैलरी मिलने लगी थी। वो नीचले दर्जे के कर्मचारियों तक को मेडिकल इन्श्योरेन्स की सुविधा देता था और इसी सब के चलते उसका स्टाफ उसको बहुत सम्मान देता था और उसको अन्नाची कह कर बुलाता था। उसके कर्मचारी उसको भगवान की तरह पूजने लगे थे। उसका कारोबार अब चरम पर था और इसी वजह से उसका अपने ज्योतिषी की तरफ आस्था बहुत बढ़ गई थी। उसके अपने रेस्टोरेंट की चेन खोलनी भी शुरू कर दी और समय वो आया The Fire: The Rise and Fall of Madras' (Chennai) Dosa King, founder of Saravana Bhavan P. Rajagopal  (Ep 121 on 07 Jan, 2020 Crime Patrol Satark Black Headlines)की लोग उसको उसके नाम से न जान कर डोसा किंग के नाम से जानने लगे थे। ज्योतिषी के ही कहने पर राजगोपाल ने खाली सफेद कपड़े पहनने शुरू कर दिए थे और माथे पर एक बड़ा स चंदन का टीका लगाने लगा था।

वो इस ज्योतिषी को भगवान का दर्जा देता था और उसकी फोटो अपने रेस्टोरेंट मे लगा रखी थी। ज्योतिषी जो भी कहता था वही राजगोपाल करता था। 20 साल के अंदर राजगोपाल का सर्वना भवन सिर्फ देश मे ही नहीं विदेशों मे भी मैशहूर हो गया था। भारत के अलावा सिंगापुर, मलेशिया, थाइलैंड, हाँगकाँग, सऊदी अरब, ओमान, कतर , बहरीन, कुवैत, साउथ अफ्रीका, जर्मनी, नीदरलैंड, बेल्जियम, स्वीडन, कनाडा, आयरलैंड, ब्रीटेन, अमेरिका, न्यूज़ीलैंड, इटली और रोम मे भी सवर्णा भवन के औटलेट्स खुल गए थे।

रुपयों मे खेलने वाले डोसा किंग ने समय के साथ 2 शादियाँ की मगर दोनों ही बार उसकी पत्नियाँ उसको छोड़ कर चली गई। कहते हैं सफलता को सही से नहीं परखोगे तो वो बर्बादी लेकर आती है। ऐसा ही कुछ राजगोपाल के साथ भी हुआ। उसके पास अकूत संपत्ति थी मगर वो घरगृहस्थी को तरसता था। इस बार फिर से उसने अपने ज्योतिषी से सलाह ली तो ज्योतिषी ने उसको तीसरी शादी करने की सलाह दी। राजगोपाल शादी करने को तैयार था मगर सवाल ये था की 50-55 की उम्र मे कौन लड़की उससे शादी करना चाहेगी!

राजगोपाल के पतन की कहानी की शुरुवात होती है सन 2000 से। शादी को लेकर उसका टकराव जीवज्योति से हुआ जो की राजगोपाल की ही कंपनी मे काम करने वाले अससीटेंट मैनेजर रामास्वामी की बेटी थी। जीवज्योति का पति शांताकुमार ट्रैवल का बिज़नेस शुरू करना चाहता था और इसके लिए उसको एक बड़ी रकम की जरूरत थी। उसके पिता उसकी मदद कर सकते थे मगर वो थाइलैंड मे रहते थे जिसकी वजह से जीवज्योति राजगोपाल के पास रुपए की मदद मांगने चली गई। उस समय जीवज्योति 25-26 साल की थी और बहुत खूबसूरत थी। उसको राजगोपाल ने पहली बार देखा था और जब उसको देखा तो देखता ही रह गया। उसी समय उसने जीवज्योति को अपनी तीसरी पत्नी बनाने की ठान ली जो की उसकी गलती थी क्यूकी जीवज्योति पहले से ही शादीशुदा थी...
inside story
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Dosa King Rajagopal was originally from Tuticorin (Thoothukudi) in Tamil Nadu. His parents used to cultivate onions and Rajagopal was their only child. Onion farming was the only income of this family and this is somewhere from 1973. Rajagopal did not like farming, so he left his village and went to Madras, i.e. Chennai. He opened a small grocery shop in KK Nagar, Chennai, which he ran for some 8 years. Meanwhile, he met an astrologer. That astrologer advised him that if he left the grocery store and opened a restaurant, he would be more profitable.

According to the astrologer, Rajagopal opened a restaurant he named Sarvana Bhavan. In this restaurant it started making and selling Dosan Idli, Vada and Puri. The 70s was a time when the people of our country did not even think of eating in restaurants outside, but still Rajagopal took this risk. He used cocoanut oil to make puri, idli, dosa and vada and he also used spices of good quality. While starting, he kept the price of this one plate for only 1 rupee due to which he lost a mountain-like amount of 10 thousand in the first month. But Rajagopal was not discouraged by this loss nor did he compromise his quality.

P. Rajagopal's hard work finally paid off and slowly it began to happen that in Chennai city, if anyone makes a program to eat out, then the name of Sarvana restaurant would come first. Seeing the profits, his staff also started getting good salary. He used to give medical insurance facility to even the lower level employees and due to this his staff respected him and called him Annachi. His employees started worshiping him like a god. His business was at a peak now and that is why his faith in his astrologer increased. Started opening her own restaurant chain and she That people had come to know him by the name of Dosa King by not knowing him by his name. At the behest of the astrologer, Rajagopal started wearing empty white clothes and put a big sandalwood vaccine on his forehead.

He used to give this astrologer the status of God and kept his photo in his restaurant. Whatever the astrologer used to say, Rajagopal used to do it. Within 20 years, Rajgopal's Sarvana Bhavan had become famous not only in the country but also abroad. Apart from India, Savarna buildings in Singapore, Malaysia, Thailand, Hong Kong, Saudi Arabia, Oman, Qatar, Bahrain, Kuwait, South Africa, Germany, Netherlands, Belgium, Sweden, Canada, Ireland, Britain, USA, New Zealand, Italy and Rome. The autlets were opened.

Dosa King, who played in rupees, had 2 marriages over time, but both times his wives left him. It is said that if you do not test success properly then it brings ruin. Something similar happened with Rajagopal. He had a lot of wealth but he loved the householder. This time again he consulted his astrologer, then the astrologer advised him to get married for the third time. Rajagopal was ready to marry, but the question was, who would want to marry a girl in the age of 50-55!

The story of the fall of Rajagopal begins in the year 2000. She got married to Jeevjyoti, who was the daughter of Ramaswamy, an assistant manager working in Rajagopal's company. Jivajyoti's husband Shantakumar wanted to start a travel business and for this he needed a huge amount of money. His father could help him but he lived in Thailand, due to which Jeevjyoti went to Rajagopal to ask for the help of money. Jeevajyoti was 25–26 years old at that time and was very beautiful. Rajagopal had seen him for the first time and when he saw him, he kept looking. At the same time, he decided to make Jeevajyoti his third wife, which was his fault because Jeevajothi was already married ...
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www.sonyliv.com...07-Jan-2020

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Story name: Andhvishwas:
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