सोने की चाहत | Sone ki Chahat
Crime Patrol Dial 100 – Episode 4 on 29th October, 2015
News of mysterious murders is coming from different places across the country. The killer is killing women in the same manner and appears to be a serial killer. He is killing only married women while they are wearing their wedding attire, and all these crimes are occurring at intervals of 7-8 months. All the women die from potassium cyanide poisoning, and all their gold ornaments are missing.
The story is based on India’s first female serial killer, K. D. Kempanna alias Mallika. She committed her first crime in 1999 when she killed a woman on the outskirts of Bangalore. Before she was caught in 2007, she killed a total of six women between 1999 and 2007. Her modus operandi was to present herself as a very pious woman who was well-acquainted with religious practices. She would befriend victims from wealthy families. She gained their confidence by promising that by following certain rituals she recommended, they would overcome their sufferings. She would bring them to a temple or dharamshala far from their homes. Then, during the ritualistic worship, she would mix potassium cyanide into their drinking water or food. After they died, she would flee with their valuables.
History:
Mallika ran a small chit-fund business and did not live with her family. None of her family members were involved in these murders. She used to work as a maid in some places and was arrested by police when she tried to rob jewelry from a home while performing rituals. She was sent to jail for one year after this incident, which was the reason her husband threw her out of their home. Her husband was a tailor, and she is the mother of one son and two daughters. One of her daughters had completed a diploma in fashion design, while the other was pursuing an MA when she was arrested. Mallika used to change her name after every killing. Her last victim was Nagaveni of Bangalore, whom she killed in 2007.

देश की कई अलग-अलग जगहों से एक जैसी हत्याओं की खबरें आ रही हैं। मारने वालों का शिकार सिर्फ शादीशुदा औरतें ही हैं, जो सुहाग का जोड़ा पहने हुए हैं। ये सारी हत्याएं करीब सात-आठ महीने के अंतराल पर हो रही हैं। हत्यारा इन महिलाओं को पोटेशियम साइनाइड खिलाकर मारता है और उसके गहने लेकर फरार हो जाता है। एक बात और गौर करने वाली है कि ये हत्यारा औरत को मारकर उसके सोने के गहने ही लूटता है, बाकी गहने छोड़ देता है।
पुलिस को यकीन है कि ये हत्याएं कोई सीरियल किलर कर रहा है, क्योंकि हत्या की जगह भले ही अलग-अलग हो, मगर महिलाओं को मारने का तरीका बिल्कुल एक जैसा है।
कहानी देश की पहली महिला सीरियल किलर के.डी. कम्पम्मा उर्फ साइनाइड मल्लिका पर आधारित है। मल्लिका ने अपना पहला शिकार 1999 में बैंगलोर के बाहरी इलाके की एक औरत को बनाया था और 1999 से 2007 में पकड़े जाने तक उसने छह हत्याएं कीं। मल्लिका मंदिरों के आसपास उन औरतों को ढूंढती थी जो मानसिक रूप से बहुत परेशान थीं। कोई औरत अपने पति से दुखी होती थी और कोई घर से जुड़ी किसी और बात से। मल्लिका इन औरतों में साहस बंधाती थी कि वो सब ठीक कर देगी अगर वो मल्लिका की बताई बातों का पालन करें। मल्लिका उन लोगों को पूरे गहने पहनकर आने को कहती थी और अकेले में किसी धर्मशाला या मंदिर में बुलाती थी। वहां वो पहले तो पूजा-पाठ शुरू करती थी, मगर बाद में उन पर या तो हमला करके या फिर खाने-पीने की चीज में साइनाइड मिलाकर देती थी, जिससे वो औरत कुछ ही मिनटों में मर जाती थी। हर वारदात में उसे 25-30 हजार रुपये मिल जाते थे।
पोटेशियम साइनाइड दुनिया का सबसे घातक जहर होता है, जिसे खाने से यह शरीर की कोशिकाओं को ऑक्सीजन लेने से रोक देता है, जिससे इंसान की मृत्यु हो जाती है और कुछ ही देर में उसका शरीर नीला पड़ जाता है। मल्लिका इस जहर का इंतजाम ज्वेलरी की दुकान से करती थी, जहाँ साइनाइड का प्रयोग गहनों की सफाई के लिए किया जाता है।
मल्लिका ने 1999 से 2007 तक 6 हत्याएं कीं और 2007 में 44 साल की उम्र में उसे गिरफ्तार किया गया। उसे अप्रैल 2012 में मौत की सजा दी गई, जिसे उसी साल उम्रकैद में बदल दिया गया। उसके खिलाफ कोई सीधा सबूत नहीं मिल पाया, इसलिए इस केस को कोर्ट ने ‘रैरेस्ट ऑफ द रेयर’ केस में डाला। मल्लिका की कार्यप्रणाली कुछ इस तरह थी कि वो अपने आप को पवित्र और महाभक्त जैसा दिखाती थी। वो इस बात पर खास ध्यान देती थी कि जिन औरतों को वो फंसा रही है, वे अमीर परिवार से हैं। वो उन्हें आश्वस्त कराती थी कि वो उनकी हर समस्या का समाधान कर सकती है। वो महिलाओं को समझाती थी कि वो जो भी पूजा-पाठ करेगी, वह मंदिर में करेगी और इसके लिए उन औरतों को अपने सारे सोने के गहने पहनकर आने होंगे, जिससे देवता उनसे प्रसन्न होंगे। जगह का चुनाव यह देखकर किया जाता था कि वह महिला के घर से बहुत दूर हो।
मल्लिका चिटफंड का व्यापार करती थी और अपने परिवार से अलग रहती थी; इन वारदातों में उसके अलावा किसी की कोई भागीदारी नहीं थी। वो लोगों के घरों में काम करती थी और कई घरेलू चोरियां भी कर चुकी थी। उसे उसके पति ने घर से निकाल दिया था क्योंकि उसने एक घर में चोरी की थी और एक साल जेल भी काट चुकी थी। उसके पति का टेलर का काम था और उसके दो बेटे और एक बेटी भी हैं। गिरफ्तारी के समय तक उसकी एक बेटी फैशन डिजाइनिंग का डिप्लोमा कर चुकी थी और दूसरी बेटी एम.ए. कर रही थी। उसका एक शिकार मीको लेआउट, बैंगलोर के शंकर की पत्नी रेणुका (23) थी, जो दिसंबर 2006 में गायब हो गई थी और उसकी लाश कोलार के एक गेस्टहाउस में मिली थी। रेणुका की शिनाख्त के बाद एक जयम्मा नाम की महिला का जिक्र आया, जो असल में मल्लिका थी, जो हर हत्या के समय अपना नाम बदल लेती थी। मल्लिका की आखिरी शिकार बैंगलोर की नागवेणी थी, जिसे उसने 2007 में मारा था।
SonyLiv:
www.sonyliv.com/watch/crime-patrol-satark-29th-october-2015-sone-ki-chah
YouTube:
www.youtube.com/watch?v=XSroKFSdGtk
Here is the inside story of the case:
www.crimestories.co.in/2015/10/crime-patrol-serial-killer-mallikas.html
