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Crime Patrol | Repeat Offenders: What we learned after Nirbhaya case! Now Shakti Mill, Mumbai Case (Episode 363, 364 on 3, 4 May 2013)

आदतन अपराधी
Repeat Offenders

22 August, 2013,
Shakti Mill, Mumbai
This case is also known as Shakti Mill case was held on 22 August. Victim of the case was a 24 year old photojournalist in a english magazine who was assaulted by 5 men including one juvenile at deserted Shakti Mill compound. Shakti Mill is situated at Mahalaxmi Area of South Mumbai.

Victim was on a assignment with his male colleague on that day. Her colleague first badly beaten with belt then they tied him with the same belt. They brought girl to a different place and sexually assaulted her.

In the meanwhile she was getting calls from her mother but they forced her to tell her that everything is fine. Later they switched off her phone and continued assaulting her. Also they put a broken bottle of beer at her neck and forced her not to scream otherwise they will kill her. During the incident they shot some photos of her and warned her not to tell this to police otherwise they will make these photos public.

Shakti Mill, Mumbai

Following the assault the men brought her back to her colleague. The brought survivor and her friend to the railway track. On reaching the tracks, they asked survivor and her colleague to walk forward towards Mahalaxmi Station, while they moved towards Lower Parel Station. When the criminal left, she informed her office colleague that she had been assaulted by five men. After their colleague came, they hailed a taxi and went to Jaslok Hospital. She called her mother also who reached hospital. After the survivor reached hospital she narrated the doctor what happened to her and immediately admitted.

On 26th August she gave her first statement to the police and got discharged on 27 August.

One more case was registered on 31st July, 2013 where a 19 year old girl was assaulted by five men at Shakti Mill. She was a telephone operator by profession. Three among five men were common in both the cases. In this case also the boy was tied and was beaten badly and girl was assaulted.

After the case registered, police arrested around 20 people and with in 65 hours they got three accused. Case was registered against total seven people and three out of these seven were common in both the cases. Two out of these seven are under 18.

Accused 22 August Incident: Vijay Jadhav, Mohd Kasim Hafiz Sheik aka Kasim Bengali, Salim Ansari, Siraj Rehman and a minor.

Accused 31 July Incident: Vijay Jadhav, Mohd Kasim Hafiz Sheik aka Kasim Bengali, Salim Ansari, Mohd Ashfak Sheik and a minor.

During initial investigation police was unable to trace Shiraz Rehman but later he was found in Thane jail.

On 19 September, 2013 police filed a 600 page chargesheet in a metropolitan court. The report on minor accused are given to the Juvenile Court. They were charged under 376(d) for assault, 377 for unnatural offense, 120(b) for criminal conspiracy, 34 for common intention and 201 for destruction of evidence.

On 14th April, 2013 Mumbai Session court awarded death penalty to three of them who were involved in both the cases.

Controversial Comments:
"Women needed to pay attention to their clothes to avoid such type of attacks. Women should not be too influenced by television"
Naresh Agarwal
Samajwadi Party leader and Rajya Sabha MP

“Should these guys be punished with hanging? They are boys, they make mistakes"
Mulayam Singh Yadav
Politician, Samajwadi Party

Victim Played by Arshima Thapar

22 अगस्त, 2013

इस केस को शक्ति मिल केस के नाम से भी जाना जा रहा है. ये काण्ड एक इंग्लिश पत्रिका की फोटो जर्नलिस्ट पर पांच युवकों द्वारा किया गया था. इन पांच लोगों में से एक नाबालिग है. शक्ति मिल एक खँडहर है जो की दक्षिणी मुंबई के महालक्ष्मी इलाके में है. पीडिता उसे दिन अपने एक सहकर्मी के साथ एक असाइनमेंट पर गई थी. दोषियों ने पहले तो उसके सहकर्मी को बेल्ट से मारा उसके बाद बेल्ट से ही बांध कर पीडिता के साथ दुष्कर्म किया.

जब उसके साथ दुष्कर्म हो रहा था उसी समय उसके मोबाइल फ़ोन पर उसकी माँ की कॉल भी आरही थी. दोषियों ने पहले तो उस पर दबाव दल की वो बोल दे की सब कुछ ठीक है मगर अगली बार फिर से कॉल आने पर उससे मोबाइल छीन कर उसे ऑफ कर दिया.

बियर की एक टूटी बोतल से उनलोगों ने पीडिता को धमकाया की अगर उसने ज़रा सी भी आवाज़ निकाली तो ये बोलत उसकी गर्दन में घुसेड देंगे. इस दौरान उसके कुछ फोटो भी लिए गए और उसको धमकाया गया की अगर पुलिस को कुछ भी बताया तो ये फोटोज इन्टरनेट पर डाल दी जाएँगी.

लड़की के साथ दुष्कर्म करने के बाद वो उसे उसके सहकर्मी के पास वापस ले आये और फिर दोनों को पकड़ कर रेलवे ट्रैक के पास ले गए. वहां ले जाने के बाद उन दोनो महालक्ष्मी स्टेशन की तरफ जाने को कहा और पाँचों लोग लोअर परेल की तरफ बढ़ गए. दूर जाने के बाद दोनों ने अपने बाकी सहकर्मियों से बोल कर अपने बॉस को फ़ोन किया और बताया की उसके साथ सामूहिक बलात्कार हुआ है. सहकर्मियों के आने के बाद दोनों को जसलोक हॉस्पिटल ले जाया गया जहाँ पर पीडिता ने सारी आपबीती डॉक्टर को सुनाई. उसकी माँ को भी अस्पताल बुला लिया गया. उनका इलाज तुरंत शुरू हो गया.

पीडिता ने अपना पहला स्टेटमेंट पुलिस को 27 अगस्त को दिया और 28 अगस्त को उसे डिस्चार्ज कर दिया गया.

इस वारदात के अलावा 31 जुलाई को भी पुलिस थाणे में ऐसा ही एक केस दर्ज हुआ था जिसमे 19 साल की एक टेलीफोन ऑपरेटर के साथ पांच लोगों ने शक्ति मिल में ही दुष्कर्म किया था. इन पांच लोगों में से तीन लोग दोनों ही केस में संलिप्त थे. इस केस में भी लड़की के साथ जो लड़का था उसे बांध कर मारा गया था और लड़की के साथ दुष्कर्म किया गया था.

केस रजिस्टर होने के बाद पुलिस ने 20 लोगों को हिरासत में लिया और 65 घंटे के अन्दर तीन दोषियों को गिरफ्तार कर लिया. कुल सात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ जिनमे से तीन दोनों ही केसे में संलिप्त थे. इन लोगों में दो नाबालिग हैं.

22 अगस्त को हुई वारदात में संलिप्त दोषियों के नाम हैं: विजय जाधव, मोहम्मद कासिम हाफिज शेख उर्फ़ कासिम बंगाली, सलीम अंसारी, सिराज रहमान खान और एक नाबालिग.

31 जुलाई को हुई वारदात में संलिप्त दोषियों के नाम हैं: विजय जाधव, मोहम्मद कासिम हाफिज शेख उर्फ़ कासिम बंगाली, सलीम अंसारी, मोहम्मद अशफाक शेख और एक नाबालिग.

शिराज रहमान को पुलिस ढूंढ नहीं पाई थी मगर बाद में वो ठाणे जेल में मिला.

19 सितम्बर, 2013 को पुलिस ने चार दुष्कर्मियों की खिलाफ 600 पेज की चार्जशीट दर्ज की. नाबालिग दोषी के खिलाफ कार्यवाही जुविनाइल कोर्ट के अंतर्गत होगी. इन चारों को भारतीय दंड संहिता की धरा 376d, 377 अमानवीय व्यवहार, 120b आपराधिक षड़यंत्र, 34 कॉमन इंटेंशन और 201 तथ्यों को छिपाना, के तहत चार्ज किया गया है.

4 अप्रैल 2014 को मुंबई सेशन कोर्ट ने इनमे से तीन दोषी जो की दोनों ही वारदातों में संलिप्त थे, को मृत्युदंड की सजा सुनाई है.

विवादास्पद टिप्पणी:
“इस तरह की वारदातों से बचने के लिए लड़कियों को अपने कपड़ों पर ध्यान देना चाहिए, और टीवी से ज़्यादा प्रभावित नहीं होना चाहिए."
नरेश अग्रवाल 
समाजवादी पार्टी. सांसद, राज्यसभा

“लड़कों से गलती हो जाती है. इसके लिए फांसी पर नहीं चढ़ाना चाहिए.”
मुलायन सिंह यादव
समाजवादी पार्टी नेता.
Online Episode on YouTube:
Part 1:
Part 2: OR

Online Episode on SonyLIV:
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