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#BoycottSonyTV and Episode Deleted after telecast of Shraddha Walkar Murder case | Crime Patrol 2.0 Episode 212

The Shraddha Waqar murder case is widely known. 26-year-old Shraddha was murdered by her live-in partner, Aftab Poonwala, who strangled her to death. In order to dispose of her body, he cut it into 35 pieces and disposed of each piece individually to avoid suspicion.

The Shraddha Waqar murder case came to light on November 14 and has been widely covered in the media ever since. The coverage has been excessive, with news channels exploiting the story for viewership. Sony TV's Crime Patrol 2.0 eventually featured the case, but the episode was heavily altered, causing an outcry among viewers who took to social media to trend #boycottsonytv.

Siddharth Dhandha, Kaushiki Rathor and Abhishek Khandekar

Typically, Crime Patrol changes character and place names to protect the identities of those involved. However, in the Shraddha-Aftab case, they also changed the religion of the characters, which sparked outrage among viewers. Shraddha was portrayed as a Christian named Anna Fernandez, while Aftab was portrayed as a Hindu named Mihir, who was depicted as a yoga teacher. The episode was renamed the "Ahmedabad-Pune Murder Case." These changes led to accusations of anti-Hindu bias and a boycott trend on social media, ultimately resulting in the removal of the episode from the show's website.

Siddharth Dhandha portrayed the character of Mihir, Kaushiki Rathod played Anna, and Abhishek Khandekar portrayed the lead police officer in the episode.

If you missed the episode, consider it a fortunate occurrence. The quality of the episode was subpar, with poor direction, cinematography, and acting. It appeared as if the episode was rushed and poorly produced.


श्रद्धा वाकर मर्डर केस के बारे में सभी जानते हैं की 26 साल की श्रद्धा को उसके लाइव इन पार्टनर आफ़ताब पूनावाला ने गाला घोट कर मार डाला था और हत्या करने के बाद उसको 35 टुकड़ों में काट दिया था जिससे की वो श्रद्धा की लाश के इन टुकड़ों के एक एक कर के फ़ेक सके और किसी को उसके ऊपर शक ना हो।

ये केस मीडिया के सामने 14 नवंबर को आया था और इसके बाद से ही लगातार ये मीडिया सुर्ख़ियों में बना रहा है। इस केस ने मीडिया ने भी पूरी तरह से भुनाया है हर मीडिया चैनल ने घटियापन की सारी हदें भी पार की। रात दिन हर न्यूज़ चैनल पे चलने वाला ये केस अख़िरकार जल्दी क्राइम पैट्रॉल द्वारा भी प्रदर्शित किया गया। वैसे तो क्राइम पैट्रॉल में ये कहानी मामले के खुलासे के कुछ ही दिन बाद प्रदर्शित होने वाली थी और इसका एक ट्रेलर भी लॉंच किया गया था मगर शायद उस समय ये सोच कर इस एपिसोड को ड्राप कर दिया गया की श्रद्धा-आफ़ताब का मामला अभी सुर्ख़ियों में हैं इसलिए ठीक उसी समय इसको प्रदर्शित ना करना ही सही होगा मगर अब जब इस मामले के खुलासे को 1 महीने से ऊपर हो चुका है तो पिछले हफ़्ते क्राइम पैट्रॉल में इस कहानी को अपने फॉर्मेट में प्रदर्शित किया मगर इसकी कहानी में प्रोग्राम के मेकर्स ने जिस तरह के बदलाव किए उनको लेकर लोगों के बीच आक्रोश पैदा हो गया और लोगो ने ट्विटर पर #boycottsonytv ट्रेंड करा दिया।

आमतौर पर क्राइम पैट्रॉल की कहानी अगर सच है तो उसमें पात्रों के नाम, जगह बदल दिये जाते हैं मगर श्रद्धा-आफ़ताब की इस कहानी में उन्होंने ना सिर्फ़ नाम, जगह के नाम बदले बल्कि श्रद्धा और आफ़ताब के धर्म को भी बदल दिया। क्राइम पैट्रॉल के इस एपिसोड में श्रद्धा का नाम अन्ना फ़र्नांडीज़ यानी की क्रिश्चियन और आफ़ताब का नाम मिहिर यानी की हिंदू बताया गया जिसको लेकर लोगों में ऐसा बॉयकॉट ट्रेंड चलाया की मेकर्स को ये एपिसोड ही अपनी वेबसाइट से हटाना पड़ा। इसके अलावा कहानी में मिहिर को एक योगा टीचर दिखाया गया था और एपिसोड का नाम रखा गया था अहमदाबाद-पुणे मर्डर केस। चैनल ने ये सब जानकारी बदलकर कहानी दिखाने के पीछे ये सोचा होगा की वो शायद इसको जस्टिफाई कर सकते हैं की ये कहानी श्रद्धा के मर्डर पर आधारित नहीं है मगर कहानी को जिस तरह से दिखाया गया है उससे कोई भी आसानी से ये अंदाज़ा लगा सकता है की ये कहानी श्रद्धा मर्डर केस पर ही आधारित थी मगर दोनों पात्रों के धर्म बदलने की वजह से लोगों ने चैनल को ही बॉयकॉट करना शुरू कर दिया और सोनी टीवी को एक एंटी हिंदू चैनल कहना शुरू कर दिया।

अगर आपने ये एपिसोड नहीं देखा है तो अफ़सोस मत करिए क्यूकी हम देखते ही आ रहे हैं की क्राइम पैट्रॉल की क्वालिटी अब पहले जैसे नहीं रही और इस एपिसोड का डायरेक्शन, सिनेमेटोग्राफ़ी, ऐक्टर्स की एक्टिंग सब कुछ ही बकवास था और ऐसा लग रहा था जैसे की ये एपिसोड कुछ ज़्यादा ही जल्दी में शूट कर दिया गया है। ये कहना सही होगा की सिद्धार्थ, कौशिकी और अभिषेक जैसे माँझे हुए कलाकारों का असली टैलेंट इस इस तरह के डायरेक्शन में दबा रह जाता है।


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