Posted On: Saturday, December 31, 2011

Delhi police resuced 18 months old ishan (Episode 72 on 31st Dec 2011)



Here is the inside story of the case:
http://thrill-suspense.blogspot.com/2011/12/crime-patrol-new-delhi-child-kidnapping.html


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Foul murder of 5th class student Sumeet (Episode 71 on 30 Dec 2011)



9 year old 5th class student sumit found dead in hostel compound. Check the link below for the inside story of this case of Bhind (M.P.)

http://thrill-suspense.blogspot.com/2011/12/crime-patrol30-dec-2011-foul-murder.html


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Posted On: Friday, December 23, 2011

Beyond the religions: Muslim child Akbar raised by a Hindu tea vendor Aikulal Sandil (Episode 69, 70 on 23, 24 Dec 2011)



किशनदास, एक 34-35 साल का लखनऊ के केसरबाग़ इलाके का एक चाय वाला जिसको इमरान अपनी चाय की दूकान के पास बहुत ही बुरी हालत में मिलाता है. जब तीन साल का इमरान मिला था उस समय उसके तेज बुखार था. उसको डॉक्टर के पास ले जाने पर पता चला की उसको पीलिया है और बच्चे के पास बहुत कम वक़्त है अगर उसका इलाज तुरंत न शुरू किया गया तो. डॉक्टर के कहने पर किशन इमरान को पास के अस्पताल ले जाता है और भर्ती करता है. डॉक्टर उसको कुछ दावा लाने को कहते हैं किशनदास अपने पैसो से दावा लेकर आता है. डॉक्टरों की कोशिशों के बाद इमरान की जान बचाई जाती है. उसके बाद आसपास के लोगों को कहने पर किशनदास इमरान के लावारिस पाए जाने की खबर पुलिस स्टेशन में देता है और बताता है की इस बच्चे को सिर्फ अपना नाम याद था 'इमरान' उसके अलावा कुछ नहीं बता पाया. पिता का नाम पूछने पर उसके मुह से 'अब्बू' ही निकला. पुलिस कोशिश करती है आसपास के सारे एरिया में इमरान की फोटो से उसका पता लगाने में मगर कुछ नहीं मिलता है. किशनदास परेशान है की इमरान के माँ-बाप अगर नहीं मिले तो इस बच्चे का क्या होगा. किशनदास खुद भी पास की मस्जिद और मदरसे में जाकर एक तीन साल के बच्चे के गुमशुदा होने की खबर देता है मगर बच्चे के माँ-बाप के बारे में कुछ पता नहीं चल पता. सब उसको ये राय देते हैं की वो इमरान को लखनऊ के किसी अनाथालय में सौंप दे. किशनदास दुविधा में है की क्या करे. आखिरकार वो इमरान को अपने ही साथ रख लेता है. लोग उसे सनकी और बेवकूफ कहते हैं. इतनी मेहेंगाई के समय में जब किशनदास के लिए एक चाय की दूकान से अपना खर्चा निकालना मुश्किल है, ऐसे में वो एक बच्चे को कैसे पालेगा?
किशनदास इमरान का स्कूल में दाखिला भी कराता है और उसके बाद एक अजीबोगरीब फैसला लेता है की वो इमरान को इस्लाम की तालीम भी दिलवाएगा. चूँकि इमरान एक मुस्लिम है तो उसे उसके धर्म से वंचित रखना बिलकुल भी ठीक नहीं है. लोग उसको समझाते है की ये सही नहीं है, एक मुस्लिम बच्चे को पालना ही बहुत है और उसे इस्लाम की तालीम दिलवाना सही नहीं होगा मगर किशनदास उसे पास की मस्जिद में ले जाकर वहां की मौलवी साहब से मिलवा कर इस्लाम की शिक्षा दिलवाने की बात करता है. मौलवी साहब को बहुत अच्छा लगता है और वो भी किशन से ये वादा लेते हैं की किशनदास भी इमरान को भगवत गीता पढ़ायेगा. दिन, हफ्ते, साल गुज़रते हैं. पुलिस इमरान के माता-पिता का पता लगाने में असमर्थ है. हिन्दू बाप और मुस्लिम बेटे की ये कहानी धीरे धीरे सार्वजनिक होती जाती है. लोग उन दोनों को जानने लगते हैं. मगर इस कहानी में पांच साल बाद अचानक मोड़ तब आता है जब इन दोनों का एक इंटरव्यू एक न्यूज़ चैनल पे दिखाया जाता है.

ये कहानी लखनऊ निवासी,बारादरी के एक चायवाले एकूलाल सांदिल की है. एकुलाल को अकबर अपनी दुकान के पास मिला था. उस समय अकबर की उम्र छः साल के आसपास थी. अकबर उस समय बहुत गुमसुम हालत में था और रो रहा था. डॉक्टर के पास के जाने आर पता चला की उसका लीवर कमजोर है, फेफड़ों में इन्फेक्शन है और पैरों में भी इन्फेक्शन है जिसकी वजह से वो चल नहीं पा रहा था. एकुलाल की पडोसी कुसुमावती का भी अकबर के पालन पोषण में बड़ा हाथ रहा.

"हम इसको जैसे ही घर लेकर आये इसने रोना शुरू कर दिया. उसने अपना नाम अकबर बताया और जब ये पूछा की वो कहाँ रहता है, उसने कहा की वो पान दरीबा में रहता है."

कुसुमावती के पांच बच्चे हैं. और वो अकबर का पालन पोषण एक पालक माँ की तरह करती है.

"मै इसको डॉक्टर के पास ले गई और मैंने इसकी मसाज़ भी करी. मुझे लग रहा था की इसका हाथ टूटा हुआ है सो मै इसको इलाज के लिए इटोंजा ले गई "

एकूलाल की खुद की कहानी भी अकबर से मिलती जुलती है. एकुलाल का पालनपोषण भी एक मुस्लिम के द्वारा ही किया गया था.

VIDEO
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"मै एक हिन्दू हूँ जिसका पालनपोषण एक मुस्लिम के द्वारा किए गया था. जब मुझे अकबर मिला तो मुझे लगा की अब भगवन मुझसे कह रहे हैं कि अब मेरी बारी है की मै अपने पालक पिता का क़र्ज़ उतारूँ. मुझे कभी भी धर्म बदलने को मजबूर नहीं किया गया तो अब मेरी ज़िम्मेदारी है की मै भी इस बच्चे की ऐसे ही देखभाल करू” - एकूलाल.

एकूलाल को चौधरी मुजतबा हुसैन ने पालपोस के बड़ा किया था जो की एक सरकारी कर्मचारी थे और लखनऊ की एतिहासिक बारादरी की देखभाल करना उनकी ज़िम्मेदारी में था. मुजतबा हुसैन ने एकूलाल को इंगलिश, हिंदी और उर्दू लिखाना व पढना सिखाया. एकूलाल खुद तो कभी स्कूल नहीं जा पाए मगर वो नहीं चाहते थे की अकबर के साथ भी ऐसा ही हो इसलिए उन्होंने अपनी कम आय होने के बावजूद अकबर को पढ़ने की ज़िम्मेदारी ली.

"मैंने एकूलाल को तभी से अब्बू के साथ देखा है जब में काफी छोटा था"- चौधरी हसन इमाम, मुजतबा हुसैन के पुत्र।

"अकबर ने प्रार्थमिक विद्यालय, रिफ्यूजी कैंप से पानी शिक्षा शुरू की उसके बाद वो क्वीनस इंटर कॉलेज में आ गया और अब वो मुमताज इंटर कॉलेज, अमीनाबाद में है. मेरी आमदनी बहुत ज्यादा नहीं है मगर मेरी ये कोशिश है की अकबर की स्कूल फीस कभी भी कम न पड़े. " - एकूलाल

अकबर हर शुक्रवार मस्जिद ज़रूर जाता है.

"अभी नमाज़ तो याद नहीं है मगर में जुमे के जुमे मस्जिद ज़रूर जाता हूँ "- अकबर

एकूलाल को अकबर 2002 में मिला था जब की अकबर के माँ-बाप का पता 2007 में चला जब एक न्यूज़ चैनल पर इन दोनों का इंटरव्यू दिखाया जा रहा था. ये इंटरव्यू एक राजनैतिक पार्टी के कैसरबाग ऑफिस में हुआ था. 2002 में छः साल का अकबर उस समय गायब हो गया जब वो अपने पिता के साथ एक शराब की दूकान पर गया था. नशे में धुत पिता घर वापस आते वक़्त उसको दुकान पर ही भूल आये. अकबर के माता-पिता इलाहबाद में रहते हैं और अकबर इलाहबाद में गुम हुआ था जब की उसको लखनऊ में पाया गया. सबसे अजीब बात ये है की अकबर के गुमशुदा होने के बाद उसके माँ-पिता ने पुलिस में उसकी गुमशुदगी की कोई रिपोर्ट नहीं दर्ज कराई जिसकी वजह से एकूलाल भी अकबर के माँ-बाप को ढूँढने में असमर्थ रहा और इसके बाद उसका दाखिल एक स्कूल में करा दिया. बच्चे का नाम नहीं बदला, वही रखा न की धर्म बदला और इस बच्चे को अपने जीवन का एक मकसद बना कर ये निर्णय लिया की वो शादी नहीं करेगा.

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Posted On: Saturday, December 17, 2011

Wrist watch helps Aurangabad police to unravel Sudarshan Kambli's murder mystery (Episode 68 on 17th December 2011)



Aurangabad, Maharastra police finds burned dead body of Man near 45-50 of age. They finds a wrist watch in his arm. Forensic report reveals that the man was burned when he was alive. Police now starts investigation of this man with the only clue a 'wrist watch'

YouTube:
http://www.youtube.com/watch?v=OZXHE-G9Cr0

Here is the inside story of the case:

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Posted On: Friday, December 16, 2011

Accidental death of Aashish Patil turned into Murder case (Episode 67 on 16th Dec 2011)



Aashish Patil runs his father's old traveling business. His parents files police complain of Aashish's missing.

On the other hand other cops finds a deadbody on Mundwa railwayy track. Body's condition was bad so they cremates it. Investigation reveals that it was Aashish's body.

After few days Aashish's cellphone gets activated and police traces him through IMEI number.

YouTube:
http://youtu.be/8dCN-QN8ZrY


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Posted On: Saturday, December 10, 2011

Teenage girl Gia commit suicide (Episode 65 9th December 2011)



Gia Gomez a 15 year girl and is a student of class 10th. She is getting pressurised by her family members as well as her teacher to be more strict about her studies. A day her parents finds her uncoucious in her room.

Visit the link below to see the real story of the case.
http://thrill-suspense.blogspot.com/2011/12/crime-patrol-episode-65.html



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Posted On: Friday, December 2, 2011

Shaq: Rajjo, wife of PWD Engineer goes missing then found dead (Episode 63, 64 on 2nd, 3rd Dec 2011)


Rajjo (played by Kashish D Paul) is wife of PWD engineer Mohan Singh (Chandraprakash Thakur). They are 18 year married and has a son also. Mohan often shouts at Rajjo because she talks politely with his neighbors Ravi, Rajeev and Om Prakash who are teacher, police constable and a shopkeeper respectively. Mohan thinks that Rajjo is a innocent lady and these men might has evil eyes on her.
A day Rajjo gets kidnapped in a white color Maruti van. Mohan reports police and during investigation police finds that all three men also missing from their home. Later police finds body of a woman in a canal and Mohan identifies the body as Rajjo.

All three men are the main suspects now and finally they all surrenders.

YouTube (Bengali):
Part 1: http://www.youtube.com/watch?v=-vE31ks2RoY
Part 2: http://www.youtube.com/watch?v=YDbbGV4qOoc

YouTube:

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