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Crime Patrol | Operation Nishana: The Gadoli Gang and Their Notorious Crimes: Unveiling Sandeep Gadoli's Story (Dial 100 on 18 Dec 2017)


ऑपरेशन निशाना
operation nishana

The story begins with an encounter in a hotel in Ghaziabad, in which a gangster named Santosh Singh Solanki (played by Gyanendra Tripathi) is killed. Santosh Solanki was a talented student who aspired to become a lawyer. His elder brother, Mandeep, and father, Ramavatar, both worked in the police department.

One day, Santosh gets into a fight with a gangster named Lokendra, who attacks him with a knife. Lokendra wants to grab a piece of land belonging to Santosh's family, and as a result, he had previously arranged for the killing of Santosh's younger brother. After the attack on Santosh, Lokendra goes into hiding.

Santosh recovers after two months, but his family is still living in fear. He decides to take matters into his own hands and eventually kills Lokendra. After taking revenge, Santosh enters the world of crime himself.

Santosh's stature grows day by day, and one day he meets a girl named Dolly Saxena (played by Diya Makhija), who aspires to become an actress. In a short time, Dolly becomes Santosh's girlfriend, and on the day of Santosh's encounter, she is with him.

The news of Santosh's encounter creates a sensation in the police department, and the administration begins to suspect that the encounter was staged.

The story is based on the fake encounter of a criminal named Sandeep Gadoli in Gurgaon. Sandeep Gadoli was the leader of the Gadoli gang, notorious for crimes such as robbery, land grabbing, and contract killings. Sandeep's name came into the spotlight when he was encountered by the Gurgaon Police in a hotel in Mumbai. The police claimed that he had been hiding in Mumbai after committing various crimes in Haryana.


कहानी की शुरुवात ग़ाज़ियाबाद के एक होटल में हुए एक गैंगस्टर ने एनकाउंटर से होती है जिसका नाम है संतोष सिंह सोलंकी। संतोष सोलंकी एक मेधावी छात्र था जो कि वकील बनना चाहता था। संतोष का बड़ा भई मनदीप और पिता रामावतार, दोनों ही पुलिस में नौकरी करते हैं।

एक दिन संतोष की लोकेंद्र नाम के एक गुंडे से झड़प हो जाती है और लोकेंद्र संतोष के ऊपर चाकू से वार करता है। लोकेंद्र संतोष के परिवार की एक ज़मीन हड़पना चाहता है और इसी के चलते उसने संतोष के छोटे भाई को मरवा दिया था। संतोष पे हमला करने के बाद से लोकेंद्र अंडरग्राउंड था।

संतोष २ महीने में ठीक हो जाता हा मगर पूरा परिवार अभी भी दहशत में और अब वो ये तय करता है कि वो लोकेंद्र को अपने हाथ से मारेगा और एक दिन वो यही करता है। लोकेंद्र को मारने के बाद संतोष भी क्राइम की दुनिया में कदम रख देता है।

संतोष का क़द दिन पर दिन बढ़ता जा रहा है और एक दिन उसकी मुलाक़ात डॉली सक्सेना नाम की एक लड़की से होती है जो कि एक्ट्रेस बनना चाहती है। थोड़े ही समय में डॉली संतोष की गर्लफ्रेंड बन जाती है और जिस दिन संतोष का एनकाउंटर होता है उस दिन वो संतोष के साथ ही होती है।

संतोष के एनकाउंटर की वारदात पुलिस महकमे में सनसनी मचा देती है और प्रशासन को ये लगने लगता है कि ये एनकाउंटर फ़र्ज़ी था।

कहानी आधारित है गुड़गाँव के एक क्रिमिनल संदीप गड़ोली के फर्जी एनकाउंटर पर। संदीप गड़ोली, गड़ोली गैंग का सरग़ना था और ये कुख्यात गैंग फरौती, ज़मीन हड़पने और सुपारी किलिंग जैसी वारदातों में लिप्त थी। संदीप का नाम मीडिया के सामने तब आया जब उसका मुंबई के एक होटल में गुड़गाँव पुलिस द्वारा एनकाउंटर कर दिया गया। पुलिस का कहना था कि वो हरियाणा में कई वारदातों को अंजाम देने के बाद से मुंबई में छिपा हुआ था।


Online Episode on SonyLiv:
www.sonyliv.com...18-dec-2017

Online Episode on YouTube:
www.youtube.com/watch?v=Mmd2gBpf-m8
Here is the inside story of the case
www.crimestories.co.in/2017/12/crime-patrol-controversial-encounter.html
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