Posted On: Monday, December 24, 2018

Case 33/2018: A sister's plan to kill her brother went awry (Episode 941 on 2nd Dec, 2018)

2018 का तैंतीसवाँ केस
Case 33/2018
Gauri wants to kill her brother Shirish Bhagwe. She plans to mix poison in the fish curry made for her brother. That day before leaving for the temple with her mother she makes Fish curry-rice for Shirish. She asks her mother to reach the temple and once she has prepared fish curry, she will also reach the temple.
While coming back from the temple she is assured that the bother must have died of consuming that poisonous fish curry. Once they reach home they find Shirish unconscious in the bathroom. They brought him to the hospital where the doctor declares him dead on arrival. The doctor also says that the reason behind may be poisonous alcohol he consumed with the food. But Gauri knows why he died. The doctor calls police to investigate the case and in the meantime, it also comes to know what three other boys also died in the same mysterious circumstances.

It also comes into light that all three and Shirish were close friends of each other and before the incident they all consumed the same food and drink with Shirish's at his home.
inside story
YouTube | Dailymotion


गौरी एक तलाकशुदा है जो की शादी टूटने के बाद से अपनी माँ और भाई शिरीष के साथ उनके घर में रहती है। वो एक कूरियर कंपनी में काम भी करती है और घर के अकेली कमाने वाली महिला है। उस दिन उसका प्लान है उसके भाई शिरीष को जान से मारने का। इसके लिए जब उसकी माँ उससे मंदिर चलने को बोलती है तो वो उनसे कहती है की वो पहले भाई शिरीष के लिए फिश-करी बनाएगी फिर मंदिर पहुंच जायेगी।

उसकी माँ मंदिर के लिए निकल जाती है। वो फिश-करी बनाते समय उसमे ज़हर मिला देती है और शिरीष को बोल कर निकल जाती है की वो मंदिर जा रही है। मंदिर में पूरे समय उसके दिमाग में यही चलता रहता है की शिरीष अभी तक मर चुका होगा। मदिर से वापस आने पर दोनों लोगों को शिरीष बाथरूम में बेसुध पड़ा मिलता है। आस-पास वालों की सहायता से उसको अस्पताल ले जाया जाता है जहाँ पर डॉक्टर उसको मृत घोषित कर देते हैं। डॉक्टर का मानना है की शिरीष की मृत्यु ज़हरीली शराब पीने से हुई है।

गौरी की साज़िश सफल हो चुकी है मगर सबको एक झटका और तब लगता है जब पता चलता है की शिरीष के अलावा उसके तीन दोस्तों की मौत भी ठीक इसी तरह से हुई है। पुलिस का पहला शक ज़हरीली शराब की तरफ है और वो उस शराब की दूकान पर छापा डाल कर उसको बंद करवाते हैं और शराब को जांच के लिए भेज देते हैं।

SonyLiv:
The Fanatic: Crime Patrol Satark

YouTube:
https://www.youtube.com/watch?v=e2gaRKwg0U0



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Posted On: Friday, December 7, 2018

The Mind of a Criminal: Auto driver blackmailed by woman duo (Dial 100 Episode on 21st Nov, 2018)

अपराधी का दिमाग
The Mind of a Criminal

Laxman More is a auto rikshaw driver who lives with his family. He is getting blackmailed by a sister duo who are charging extortion money from him. They are warning him that if he will not pay them, they will lodge a fake police complain against him and will put him behind the bar.

लक्ष्मण मोरे एक सीधा-सादा ऑटो ड्राइवर है जो की अपने ऑटो की कमाई से अपनी और अपने परिवार की जीविका चलता है। एक दिन दो बहने उसका ऑटो लेती हैं और रास्ते में उससे 500 रुपये मांगती है और कहती हैं की घर पहुंच कर लौटा देंगी। वो 500 रुपये दे देता है। उन्दोनो को उसके ड्राप करने पर उनमे से एक उसको निचे इंतज़ार करने को बोलती है। काफी देर तक जब उन्दोनो में से कोई भी उसको रुपये देने नहीं आता है तो वो उनके फ्लैट में पहुँचता है।

फ्लैट में पहुंचने वो दोनों उस पर रेप का इंजाम लगाती हैं जिससे डर कर वो भाग जाता है। ये सब यहीं नहीं रुकता, वो लोग अब अक्सर लक्ष्मण को धमका कर उससे पैसे वसूलना शुरू कर देती हैं। आखिरकार वो पुलिस में कम्प्लेन कर देता है।
Sonam Arora and Dincy Vira
SonyLiv:
The Mind of a Criminal

Here is the inside story of the case:
https://thrill-suspense.blogspot.com/2018/12/crime-patrol-bengaluru-police-nab-2.html


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Mohre: Man borrows friend's wife to win the election (Dial 100 Episode on 26th Sep, 2018)

मोहरे
The Pawn

The story revolves around a political party leader Sikandar Ali Khan (real name Shafi Ahmed). Sikandar Ali is a powerful politician in the area who is continuously winning every election for last 15 years. His party's name is Dharti Sangharsh Party from which now he wants his new wife will contest the next election rather him.

Few days before the final election, he meets with Waseem Ansari (Naseem Ahmed) who runs a small hotel in the town. He puts a very awkward proposal to him that he wants to borrow his wife Zoya (real name Rehmat) for some time. Waseem is shocked by this proposal but later he agrees. Sikandar gets marry to Waseem's wife Zoya. Later she becomes her election candidate and wins the election.

Why Sikandar Ali Khan married to Zoya and why he did not opt for election himself? Let's watch the inside story with full episodes.




सिकंदर अली खान धरती संघर्ष पार्टी का नेता है और इलाके का कद्दावर व्यक्ति है। पिछले पांच चुनाव से वो लगातार जीतता आ रहा है मगर इस बार के इलेक्शन में वो खुद न खड़ा होकर अपनी तीसरी पत्नी ज़ोया को खड़ा करता है और ज़ोया ये चुनाव जीत भी जाती है। उसकी इस चाल के पीछे उसके विरोधी स्तब्ध हैं।

असल में चुनाव के कुछ समय पहले ही वो कसबे के एक छोटे से होटल चलने वाले वसीम अंसारी से मिलता है और उसके सामने एक अजीबोगरीब प्रस्ताव रखता है। वो वसीम से उसकी पत्नी ज़ोया को कुछ महीने के लिए उधार देने को कहता है। वसीम पहले तो न-नुकुर करता है मगर बाद में राजी हो जाता है। सिकंदर और ज़ोया की कोर्ट मैरिज की जाती है जिससे की ज़ोया सिकंदर अली की कानूनन बीवी बन जाती है। इसके बाद ही वो ज़ोया को इलेक्शन में खड़ा करता है जिसमे ज़ोया जीत जाती है।

SonyLiv:
Need Or Greed: Crime Patrol Dastak, 26 September 2018

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