Posted On: Sunday, May 31, 2015

Sar Kati Laash: Cop's wife found alive after a year of murder (Episode 513, 514 on 30th, 31st May 2015)


सर कटी लाश
Headless Body


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Ruchika Rajput: Crime Patrol Actors and Actresses


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Sonal Parihar: Crime Patrol Actors and Actresses


Most Well Known Star Cast
Episodes acted by Sonal Parihar Sonal Parihar is an TV actress who has done her acting and dance course from Anupam Kher's Actor Prepared, Mumbai. He has seen in TV serials like Bade Achche Lagte Hain (Sony TV), Kaisa Yeh Ishq Hai (Life OK), Singhasan Battisi (Sony Pal), Mahima Shani Dev Ki (NDTV Imagine), Fear Files (Zee TV), Savdhan India (Life OK), Franklin (Life OK), Sa re ga ma ( Life OK), Rowdy Rascals (Life OK), Key Light (Life OK), CID (Sony TV), Adaalat (Sony TV).
Other then these she and has done a documentry on "Mother and Child" health care by "Pheno TV".

She has done print Ads for Safi hoardings and magazine, National Institute For photography, Fashion Photography, Jewellery Shoots, Indian and Western Outfits (Bridal Wear), Print ads for Mid - Day: regional news papers at chattisgarh, Griha Shobha, Griha Shobhika, Vanita (cover pages and editorials ).

She has also been a host for state level Quiz competitions, Game Shows and many other staged events sponsored on big levels.









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Posted On: Saturday, May 30, 2015

Ek Haseena thi, Ek Deewana tha: Teenager Karan commits suicide over mysterious love affair (Episode 512 on 29th May 2015)

एक हसीना थी, एक दीवाना था
Ek Haseena thi, Ek Deewana tha


करन 18 साल का है और कॉलेज में पढता है. एक सुबह वो कॉलेज जाने के लिए तैयार होता है और फिर अपनी माँ को अपनी पॉकेट मनी के रूपए देता है. वो काफी परेशान लग रहा है. उसकी माँ उसको पूछती है की वो ये रूपए उसे क्यों दे रहा है मगर वो देकर घर से निकल जाता है. उसकी माँ समझ नहीं पाती है की वो इतना परेशान क्यों है. वो घर से निकलता है और फिर वापस नहीं आता है. बाद में उसकी बहन और माँ उसका फ़ोन भी मिलाती है मगर उसका फ़ोन लगातार स्विच ऑफ है.

करीब 48 घंटे बाद वो लोग पुलिस स्टेशन पहुच कर करन की मिस्सिंग कंप्लेन लिखाते हैं. वो लोग पुलिस को बताते हैं की करन एक होनहार छात्र है और वो अपनी हर बात उनलोगों से शेयर करता है. उसके दोस्त भी पुलिस को बताते हैं की करण का कोई लव अफेयर नहीं था जिसके कारण वो परेशान हो. करन की माँ और बहन बताती हैं की करन किसी बात को लेकर कुछ दिन से परेशान था मगर उसने कभी कुछ बताया नहीं.
virtual account profile from one similar kind
of case of blackmailing over the internet
पुलिस करन के फ़ोन रिकॉर्ड तलाशना शुरू करती है और तब उसको एक नंबर पे 4-5 बार लगातार बात हुई दिखती है. ये नंबर एक बार-सिंगर गौरव शिंदे का है. वो पुलिस को बताता है की उसकी राह चलते करन से मुलाकात हो गई थी. वो एक सिंगर है और करन को भी पुराने गाने पसंद हैं सो उनकी अक्सर बातचीत होती रहती थी.

2 दिन बाद पुलिस को एक रेलवे ट्रैक पर करन की लाश मिलती है और ये मामला अब आत्महत्या का नज़र आरहा है. पुलिस अब एक्चुअल दुनिया से निकल कर करन की वर्चुअल दुनिया की तरफ बढती है और उसकी फ्रेंड्सबुक प्रोफाइल छानती है. उसकी प्रोफाइल देखने पर पता चलता है की करन एक अंजली नाम की लड़की से चैट करता था. करन की प्रोफाइल हैक करने पर पता चलता है की उसका अंजली के साथ ऑनलाइन लव अफेयर चल रहा था और चैट हिस्ट्री ये बताती है की वो लोग ऑनलाइन ही काफी आगे तक बढ़ चुके थे. ये चैट ये भी व्यक्त करती है की आखरी में उनकी ये बातचीत अंजली के भाई ने पढ़ ली थी और उसने करन को उसकी बहन से दूर रहने की धमकी दी थी.

पुलिस जब अंजली के इन्टरनेट एड्रेस का आईपी नंबर ट्रेस करती है तो पता चलता है की ये इन्टरनेट कनेक्शन गौरव शिंदे के नाम रजिस्टर है. अब पुलिस वापस गौरव को पकडती है.

SonyLiv: http://www.sonyliv.com/watch-crime-patrol-satark-online

YouTube: http://www.youtube.com/watch?v=MimPTqNBYjs

Here is the inside story of the case:
http://thrill-suspense.blogspot.com/2015/05/crime-patrol-blackmail-on-facebook.html



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Posted On: Monday, May 25, 2015

Trishna Mukherjee: Crime Patrol Actors and Actresses

Most Well Known Star Cast
Episodes acted by Trishna Mukherjee
Trishna Mukherjee is seen most of the episodes these days and recently she played role of Bhanwari Devi as Ambika Deha in an episodic of Crime Patrol Satark. She was also seen few stories of Life Ok's Savdhaan India and Color's Code Red.

She hails from Kolkata, West Bengal and had played the role of "Chanda" in Bollywood movie Light Shade Red (2012). The movie was based on the locals of Sonagachi, a well known red light area of Kolkata. The place is also the biggest red-light area in Asia. Story of the movie was based on the lives of five women who live in the brothel, how they reached, survived and made relations with men and with each-other.



















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Balla aur Baazi: Aspiring cricketer Avinash Chaubey plans a crime to fulfill his dream (Episode 510, 511 on 22nd, 24th May 2015)




Avinash Chaubey (real name Harendra Ramchandra Yadav) hails from Lucknow, UP and he is a good cricketer and want to make cricket as his profession but he belongs from a poor family. His father discourages him and he does not support him anymore to fulfill his dream. His father does not want he become a cricketer. Avinash flees to Mumbai after stealing some money from his father. In Mumbai, he lives with his Maternal Uncle Damodar Panday. His Uncle has affection with him but his wife does not like Avinash anymore​. After few ​ ​days his uncle and his cousin starts realizing that Avinash actually has that potential to become a big cricketer.

A cricket coach Sameer Khan supports Avinash because he also realizes that Avinash can become a good cricketer. He coaches him for free. Avinash wants to play for Inter School Cup which is only for the school students but luckily he gets admission to that school with the help of his opening partner Junaid and his Coach. This time he again faces an economic crisis. He has to pay near INR 13,000 per month as his school fee and cricket coaching fee. Neither his father nor his uncle has that big amount to pay. Avinash's career might get finished before the start.

In the meantime, he gets in touch with Jagat Tavde, whose profession is to put up posters of missing people in trains in other areas. He suggests Avinash that from a long time he has an idea to earn big money.

​Though ​Avinash is doing good in cricket, his cricket coaching fee decreases to INR. 750 from INR 3,000 but he still has to pay the school fees. He talks to his father and uncle but no one can do anything for him then he gets a small job in a restaurant.
Avinash real name Harendra Ramchandra Yadav

लखनऊ, उत्तर प्रदेश का होनहार स्कूल लेवल क्रिकेटर अविनाश चौबे क्रिकेटर बनना चाहता है और वास्तव में वो बहुत अच्छा प्लेयर है मगर पैसों की तंगी की वजह से उसको अपने पिता से ज़रा सा भी सपोर्ट नहीं नहीं यहाँ तक की उसके पिता उसका क्रिकेट करियर समाप्त कर देना चाहते हैं। घर से कुछ पैसे चुरा कर अविनाश मुंबई अपने मां दामोदर पाण्डेय के घर आ जाता है। कुछ ही दिनों में अविनाश के मामा और उसका ममेरा भाई दोनों को ये यकीन हो जाता है की अविनाश का ये हुनर उसको बहुत आगे ले जा सकता है। समीर खान नाम का एक क्रिकेट कोच अविनाश को सपोर्ट करता है क्युकी वो अविनाश के हुनर को सही तरह से परख सकता है। समीर अविनाश को फ्री में क्रिकेट की ट्रेनिंग देना शुरू करता है। अविनाश इंटर स्कूल कप के लिए खेलना चाहता है जो की सिर्फ स्कूल स्टूडेंट्स के लिए है। अविनाश अपने ओपनिंग कोच जुनैद की सहायता से उसके स्कूल के कोच से मिलकर स्कूल में दाखिल पा जाता है मगर पैसे की तंगी एक बार फिर आती है। स्कूल और क्रिकेट कोचिंग की फीस है करीब तेरह हज़ार रूपए जो की न ही अविनाश के मामा के पास हैं और न ही उसके पिता के पास। ऐसे में अविनाश का क्रिकेट करियर खत्म भी हो सकता है।

इसी बीच अविनाश का एक दोस्त भी बनता है जिसका नाम जगत कावड़े है। वो पुलिस थाने की तरफ से गुमशुदा लोगों के पोस्टर लगाने का काम करता है। वो अविनाश को एक सुझाव देता है। वो अविनाश को बोलता है की उन्दोनो के पैसो की तंगी खत्म हो सकती है मगर ये रास्ता कुछ टेढ़ा है। अविनाश की अच्छी परफॉरमेंस के चलते उसकी क्रिकेट कोचिंग की फीस तीन हज़ार से सिर्फ साढ़े सात सौ रूपए हो जाती है मगर उसको स्कूल की फीस अभी भी दस हज़ार भरनी है।

YouTube:
Part 1: http://youtu.be/6sWIVhaxG1w
Part 2: http://youtu.be/AL0kiqCwO_U

SonyLiv:
Part 1: http://www.sonyliv.com/watch/crime-patrol-satark-22nd-may-2015-balla-aur-bazi
Part 2:

Here is the inside story of the case:
http://thrill-suspense.blogspot.com/2015/05/crime-patrol-cricket-crazy-teen-from.html



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Posted On: Tuesday, May 19, 2015

Aruna Shanbaug: The Fighter passes away after 42 years of Coma



ये कहानी ख़ुशगवार और खूबसूरत मुंबई (उस समय का बम्बई) की है जो की नवंबर 1973 से शुरू होती है. अरुणा शानबाग एक 25 साल की जवान और स्फूर्ति से भरी नर्स थी जो की एडवर्ड मेमोरियल अस्पताल में एक डॉक्टर के अंतर्गत काम करती थी. वो एक आत्मविश्वास से लबरेज़ लड़की थी जो की 18 की उम्र में अपना घर छोड़ कर सपनो की नगरी बम्बई आई थी नर्स बनने. उसने अपने दम पर नर्सिंग का कोर्स पूरा किया था और खुद ही ये नौकरी भी ढूंढी थी और ये वो समय था जब वो अपने चाहने वाले के साथ अपना घर बसाने वाली थी और उसकी सगाई हो चुकी थी.

वो अपना घर अपने सीनियर डॉक्टर डॉ. संदीप देसाई के साथ बसाने वाली थी और उसके डॉक्टर होने के नाते उसका लगभग पूरा ही दिन उनके साथ बीतता था. डॉ संदीप जो की एक एम.बी.बी.एस. थे, उस समय एम.डी. के एग्जाम की तैयारी कर रहे थे. सबकुछ एकदम अच्छा चल रहा था, यहाँ तक की उनकी शादी की तारीख भी तय हो गई थी की वो मनहूस दिन 27 नवंबर आया.

एक वार्डबॉय सोहनलाल भरथा वाल्मीकि उसी अस्पताल में अरुणा के अंतर्गत काम करता था. अरुणा एक नियम कायदे वाली लड़की थी जिसे की अनुशाशनहीनता बिलकुल भी पसंद नहीं थी. सोहनलाल के काम करने के ढंग की वजह से उसकी और अरुणा की अक्सर लड़ाई होती रहती थी मगर किसी ने भी ये नहीं सोचा था की ये लड़ाई एक दिन बदले का रूप ले लेगी और सोहनलाल को एक ऐसा कदम उठाने को प्रेरित कर देगी जिसकी गूँज आने वाले दशकों तक सुने देगी.

शाम का करीब 6 बजा था जब की अरुणा की रोज़ की शिफ्ट ख़तम हुई थी. अरुणा को अपने कपडे बदलने थे और इसके लिए वो अस्पताल के बेसमेंट में उस जगह पहुची जहाँ कुत्तों पर रिसर्च की प्रयोगशाला थी. वैसे वो जगह कपडे बदलने की नहीं थी मगर चूँकि नर्स रूम कुछ दूरी पे था, सो अरुणा ने वहीँ कपडे बदलने की सोची. सोहनलाल एक लम्बे समय से ऐसे ही किसी मौके की फ़िराक में था और उस दिन उसे वो मौका मिल गया. उसने पूरे समय अरुणा का पीछा किया और मौका पाते ही पहले तो उसने अरुणा की साथ अप्राकृतिक सेक्स किया और उसके बाद अरुणा के गले को कुत्तों को बाँधने वाली ज़ंजीर से मरोड़ दिया और उसके बाद ये सोच कर वहां से निकल गया की अरुणा मर गई होगी.

शाम 6 बजे के इस हमले के बाद से सुबह अगली शिफ्ट शुरू होने तक अरुणा वहीँ पड़ी रही और किसी को कानो-कान खबर भी नहीं हुई. अरुणा मरी तो नहीं थी मगर उसका दिमाग मर चुका था. सोहनलाल ने जिस बेरहमी से उसकी गर्दन कुत्ते की ज़ंजीर से दबी थी उससे उसके दिमाग को ऑक्सीजन पहुचने वाली नसें फट गई और जब तक अरुणा को वहां पाया गया, बहुत देर हो चुकी थी.


अरुणा की बोलने और व्यक्त करने की क्षमता ख़तम हो चुकी थी. वो देख तो सकती थी, मगर समझ नहीं सकती थी की वो क्या देख रही है और न ही कुछ व्यक्त कर सकती थी. कुत्तों की उस ज़ंजीर ने अरुणा की दिमाग की नसों को बुरी तरह से क्षतिग्रस्त किया था. अरुणा बिना किसी वजह के कभी भी चिल्लाती थी और कभी भी हसती थी. वो हमेशा ही ऐसे सदमे में रही की किसी भी पुरुष आवाज़ को सुनकर चिल्ला पड़ती थी भले ही वो आवाज़ रेडिओ या टीवी से आ रही हो.

अरुणा पर हमला करने वाले सोहनलाल को अरुणा के गहने और घडी चुराने ने इल्जाम में सात साल की सजा हुई और उसके ऊपर कोई भी रेप का चार्ज नहीं लगा क्यूंकि उसके साथ रेप होने का कोई भी सबूत मेडिकल रिपोर्ट में नहीं मिला था क्युकी सोहनलाल ने उसके अप्राकृतिक सेक्स किया था.

अस्पताल की तरफ से पुलिस में नर्स को लूटने के इरादे से हमले की रिपोर्ट दर्ज कराइ गई. पुलिस के रिकॉर्ड में ये एक हत्या का प्रयास और लूट के केस के रूप में दर्ज हुआ, न की रेप केस के रूप में. अप्राकृतिक सेक्स की बात को अस्पताल के तत्कालीन डीन के कहने पर छिपाया गया जिससे की अस्पताल की साख पे बट्टा न लगे. अस्पताल का सीनियर स्टाफ मेम्बर ये भी चाहते थे की डॉ संदीप और अरुणा के इस जोड़े को सोशल बायकाट न झेलना पड़े. वो जानते थे अरुणा का जिंदा बचने उम्मीद करीब करीब न के बरराबर है, मगर फिर भी अगर किसी संयोग से अरुणा बच गई तो ये धब्बा पूरी जिंदगी उनका पीछा नहीं छोड़ेगा. वो एक ऐसी उम्मीद में थे जो की नामुमकिन सी थी की अरुणा को अपनी पहले वाली जिंदगी फिर से मिलेगी.

ये केस पहले एक सब-इंस्पेक्टर ने दर्ज किया क्यूंकि केस दर्ज कराने के लिए कोई आगे आना ही नहीं चाहता था. बाद में केईएम अस्पताल की नर्सो के तीन दिन की हड़ताल के बाद ये केस क्राइम ब्रांच को सौंपा गया.

सोहनलाल को सात साल की सजा हुई और उसके बाद सुना जाता है की उसमे अपना नाम बदल लिया और शहर भी छोड़ दिया और उसने किसी और शहर में किसी अस्पताल में वार्डबॉय की नौकरी कर ली. अरुणा पहले से ही एक बहुत ही गरीब परिवार से थी और इस हादसे के के बाद उन्होंने अरुणा का बोझ उठाना वाजिब नहीं समझा और अरुणा से खुद को दूर कर लिया.

डॉ संदीप ने चार साल तक अरुणा के ठीक होने का इंतज़ार किया और उसके बाद फॅमिली प्रेशर के चलते शादी कर ली. डॉ संदीप अपनी शादी के एक दिन पहले अरुणा से मिलने भी आये और उसे आखिरी बार गले से लगाया और ये कह कर चले गए की अब वो उससे मिलने कभी नहीं आयेंगे.

दिन, महीने, साल बीतेते गए. अस्पताल का स्टाफ एक के बाद एक रिटायर होता गया और नया स्टाफ आता गया. उसी अस्पताल के एक कोने में अरुणा अभी भी लेती हुई थी जो की साठ साल से ऊपर की हो गई थी. ठीक उसी पोजीशन में जैसे वो बरसों पहले थी. अब उसके दांत भी गिर गए थे और उसको पीसा हुआ खाना दिया जाता था. उसकी प्रतिक्रिया में कुछ इजाफा हुआ था और उसके खाने का टेस्ट वही था.


1973 से 2015 में अपनी मृत्यु तक अरुणा इसी अवस्था में रही. अरुणा की ये करुण कहानी 2010 में पूरी दुनिया के सामने तब आई जब 17 दिसम्बर, 2010 में एक्टिविस्ट, जर्नलिस्ट पिंकी वीरानी ने सुप्रीम कोर्ट में अरुणा की सालों से चली आ रही हालत को देखते हुए इच्छामृत्यु के लिए अर्जी दाखिल की. सुप्रीम कोर्ट में 24 जनवरी को एक मेडिकल पैनल का गठन किया जिसके तहत अरुणा की दशा को देखा जाना तय किया गया. इस पैनल ने ये निष्कर्ष निकला की अरुणा की दशा लगभग पूरी तरह से स्थिर है. सुप्रीम कोर्ट ने 7 मार्च, 2011 को एतिहासिक फैसला सुनाते हुए पिंकी वीरानी की इस अर्जी को ख़ारिज कर दिया. एडवोकेट पिंकी वीरानी ने 1998 में अरुणा पर एक किताब भी लिखी जिसका नाम था अरुणाज़ स्टोरी (Aruna's Story).

अस्पताल की नर्स, जो की अरुणा की देखभाल करती थी उन्होंने कोर्ट के इस फैसले को एक जीत की तरह व्यक्त किया. उनके अनुसार ये अरुणा का पुनर्जन्म था और उन्होंने अस्पताल में मिठाई और केक का वितरण भी किया. हॉस्पिटल स्टाफ के अनुसार अरुणा एक छोटे बच्चे की तरह है और वो किसी के लिए कोई भी समस्या नहीं पैदा करती है. अंतर सिर्फ इतना है की वो भी उनकी उम्र की है.

अरुणा की मृत्यु के कुछ दिन पहले से उसको सांस से समस्या होनी शुरू हो गई थी. उसको आईसीयू में भारती किया गया और वेंटीलेटर पे रखा गया. 18 मई, 2015 को उसकी मृत्यु हो गई. उसका दाहसंस्कार अस्पताल की नर्सों और स्टाफ द्वारा किया गया.

अरुणा की मृत्यु की खबर मीडिया द्वारा पूरे देश में आग की तरह फ़ैल चुकी थी और ये खबर अरुणा के परिवार वालों तक भी पहुची जिन्होंने अरुणा की हालत को देखते हुए उसे उसी समय त्याग दिया था. अरुणा के घरवाले उसकी मृत्यु की खबर पाने के बाद अस्पताल में इकठ्ठा हुए जिनको नर्सों का विरोध झेलना पड़ा जिन्होंने अरुणा को दशकों से अपने बच्चे की तरह पाला था. अरुणा के अंतिम संस्कार के लिए नर्सों ने चंदे के रूप में दस हज़ार रूपए इकठ्ठा किये और ये कहा की इतने सालों से वो ही अरुणा का परिवार हैं सो वही उसका अंतिम संस्कार भी करेंगे मगर एक बीच का रास्ता निकालते हुए अरुणा का अंतिम संस्कार गौड़ सारस्वत ब्राम्हण ट्रेडिशन के अनुसार किया गया.

Crime Patrol Sansani (Season 3)
Part 1Part 2Part 3




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Posted On: Monday, May 18, 2015

Najayaz Rishte: Middle aged woman Kavita Shinde's dead body found (Episode 508, 509 on 16th, 17th May 2015)


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Bikhre Rishte: Case of missing man Akshya Kaale (Episode 507, 508 on 15th, 16th May 2015)


बिखरे रिश्ते
Dispersed Relations


32 year old Akshaya Kale (real name Vaibhav Achrekar and played by Saheem Khan) is missing from last three months. His mother and elder brother is worrying about him. An evening when Akshaya does not return after his work, his brother Pankaj Kale, (played by Sudeep Sarangi) mother Gayatri and Pankaj's wife Savita files his police complaint in the police station. His phone records shows that he was in touch with someone from last few months and this number is also registered on his name. But the strange thing is that no one knows about this number, neither his family member, nor his helper at his mobile store. Police also finds that his both numbers were switched off at the same time and same place.

Police get one more number and this number belongs to a 34 year old housewife Rashmi Sawant (real name Jyotsana More and played by Trishna Mukherjee) who is a neighbor of Kale Family. On first sight police thinks that this might be a case of extra marital affair because Rashmi's husband Jayesh Sawant is an alcoholic man and fights with her daily. Rashmi clearly denies her connection with Akshaya and says that a year ago she was just a friend of Akshaya and both used to talk to each-other on phone.

Police gets one more number in Rashmi's call records and this number belongs to Rashmi's college time friend Sandeep Tambe. He tells police that he met with Rashmi in a marriage party after years of their college and after having some more interaction they started talking to eachother again.

Three months goes. Police has suspects but does not have any proof. Behind the scene, that time Akshaya went far from his shop and home to meet someone where a man carried him with him who told him that he is from Crime Branch.

In the mean time Pankaj's daughter Vidya finds another cellphone in his home's sofaset. This Phone was same that was in touch with Akshaya's phone and went switched off after Akshaya went missing.

YouTube:
Part 1: https://www.youtube.com/watch?v=6YMXEOVGsG4
Part 2: https://www.youtube.com/watch?v=j0PZI7uuiCM

SonyTV:
Part 1: http://www.sonyliv.com/watch/crime-patrol-satark-15th-may-2015-bikhrey-rishtey-1
Part 2: http://www.sonyliv.com/watch/crime-patrol-satark-16th-may-2015-bikhre-rishte-pa-1


Here is the inside story of the case:
http://thrill-suspense.blogspot.com/2015/05/crime-patrol-mumbai-crime-woman.html



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Posted On: Sunday, May 10, 2015

Sone ki zameen: Murder of senior advocate Suraj Shukla (Episode 505, 506 on 9th, 10th May 2015)

Golden Land
सोने की ज़मीन

Advocate Suraj Shukla is a lawyer by profession and is in his 50s. His uncle is also a lawyer by profession and due to his age, he does not want to continue as advocate and hands over one of his cases to Suraj.

Suraj Shukla leaves for court as usual and does not return till night. Family members are nervous because it has never happened before. They also tries Suraj's phone but it is switched off. When a police report is lodged, the police get to know about two people who were seen with Suraj Shukla for the last few days.

Sooraj was last seen in the court and the CC TV camera mounted on the same side gives the police a photo of the two people. The police is taking action only when the news of the body of a middle-aged man from another police station comes. When the police arrive to investigate, after identification, it is known that the he is Suraj.
Sone ki zameen: Murder of senior advocate Suraj Shukla (Episode 505, 506 on 9th, 10th May 2015)

एडवोकेट ​सूरज शुक्ला पेशे से एक वकील है और उसकी उम्र 50 के आसपास है। उसके चाचा जी भी पेशे से वकील हैं और काफी उम्र होने के कारण वकालत चालू नहीं रखना चाहते हैं और अपने एक केस को सूरज को सौंप देते हैं। सूरज शुक्ला रोज की तरह कोर्ट के लिए निकलता है और रात तक वापस नहीं आता है। घरवालों में घबराहट है क्यों की पहले कभी ऐसा नहीं हुआ। वो सूरज का फ़ोन भी मिलाते हैं मगर वो लगातार बंद है। पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराइ जाती है तो पुलिस को दो लोगों के बारे में पता चलता है जो की पिछले कुछ दिन से सूरज शुक्ला के साथ देखे जाते थे।

सूरज को आखिरी बार कोर्ट में देखा गया था और वहीँ पर लगे सीसी टीवी कैमरा से पुलिस को उन्दोनो लोगों की फोटो भी मिलती है। पुलिस कारवाही कर ही रही है की तभी किसी दुसरे पुलिस स्टेशन से एक अधेड़ उम्र के पुरुष की लाश मिलने की खबर आती है। पुलिस जब छानबीन करने पहुचती है तो शिनाख्त के बाद पता चलता है की ये लाश सूरज की ही है।

YouTube:

Here is the inside story of the case:
http://thrill-suspense.blogspot.com/2015/05/crime-patrol-missing-advocate-from.html

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Purnai Dushmani: Double murder of Senior Citizen in Mumbai (Episode 504, 505 on 8th, 9th May 2015)




Senior citizens Velisa and Farzad are living alone in their bungalow. They owe a coconut plantation. Usha is their domestic help who daily spends near 12 hours in their home. A morning when she reaches home, she is terrorized to see the dead body of Velisa in the garden. After the police come, they find the dead body of Farzad also inside the bungalow. The person who murdered them has stolen cash, jewelry along with the new shoes of Farzad.

Village electrician tells police that he has come to fix electricity issues at their flat a day before. He also tells that someone has disturbed and disconnected electric wires knowingly. He tells police that he saw someone hiding in the garden who ran away after the electrician called him. Police take electrician's help in drawing a sketch of that man. After seeing the sketch, Velisa's daughter identifies him immediately. She tells police that the sketch belongs to their caretaker's son who was living in the bungalow fourteen years before. This man's name is Girish Prasad and his father or caretaker's name was Hari Prasad. Girish was grownup there but his father drove him out of the home because he has become habitual of burglary.

Murdered also taken away Farzad's mobile phone and he talked to his brother-in-law Kamran at that mid-night. When the police call Kamran, he tells that he hails from Gujrat and the number belongs to his sister's husband Maroof in Gujrat. Now, police are confused if the murderer is Maroof, then why sketch is showing the face of Girish.

महाराष्ट्र के एक कोकोनट प्लांटेशन के मालिक वरिष्ठ नागरिक वेलिसा और फरज़ाद की नौकरानी उषा जब एक सुबह अपने काम पर आती है तो अपने मालकिन की लाश कंपाउंड में पड़ी देखती है. पुलिस को मकान के दूसरी तरफ से फरज़ाद की लाश भी मिलती है. पता चलता है की हत्यारे में वेलिसा की अंगूठी और इयर रिंग्स लूटे हैं और घर के अन्दर से कैश, ज्वेलरी और फरज़ाद के नए जूते भी चुराए हैं.
गाँव के इलेक्ट्रीशियन बताता है की क़त्ल के एक दिन पहले पहले वो इस घर में बिजली का कनेक्शन जोड़ने के लिए आया था. इलेक्ट्रीशियन के अनुसार किसी ने जानबूझ कर मकान की बिजली काटी थी. कनेक्शन जोड़ते समय उसने एक आदमी को वहां छिपे देखा था जो उसको देखते ही भाग गया था. पुलिस उस आदमी का स्केच बनवाती है. उस स्केच को वेलिसा और फरज़ाद की बेटी सायरा तुरंत पहचान लेती है. वो बताती है की ये स्केच उनके चौदह साल पहले के एक केयरटेकर हरी प्रसाद के बेटे गिरीश का है. गिरीश प्रसाद वहीँ पला-बढ़ा था और उसको उसके पिता ने अठारह साल की उम्र में घर से निकाल दिया था क्युकी उसको चोरी की लत लग गई थी.

हत्यारे ने बंगले से फरज़ाद का मोबाइल भी चुराया था और उसमे अपना सिम डाल कर किसी कामरान से बात की थी. पुलिस कामरान को फ़ोन लगाती है जो की गुजरात में है. वो बताता है की उसकी बात उसके जीजा मारुफ़ हैदर से हुई थी. अब पुलिस इस असमंजस में है की क़त्ल अगर गिरीश ने किया है तो ये मारुफ़ कौन है.

Sony Liv:
Part 1: http://www.sonyliv.com/watch/crime-patrol-satark-8th-may-2015-purani-dushmani-1
Part 2: http://www.sonyliv.com/watch/crime-patrol-satark-9th-may-2015-purani-dushmani-p-1

YouTube:
Part 1: http://youtu.be/_IwAHPs5Z0g
Part 2: http://youtu.be/BF76ahN76TI

Here is the inside story of the case:
http://thrill-suspense.blogspot.com/2015/05/crime-patrol-ex-caretakers-son-killed.html


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Posted On: Wednesday, May 6, 2015

Apmaan: Myterious murder case took two years to solve (Episode 502, 503 on 2nd, 3rd May 2015)

Dishonor
अपमान



Surendra is the main earner in the family of five people. He lives with his wife Navneet, brother Manpreet and mother and father. They looks to be a happy family. An evening when he is coming back to his home with his friend Kuljeet, three men on bikes stop them ans suddenly throws powder of red chillies on them. After that one of those men attacks Surinder with a iron rod. They loots them and flees.

Surendra is bleeding badly. Kuljeet calls Manpreet and somehow they manages to bring Surendra to hospital. Surendra is critical and dies after few days. According to police Kuljeet is the prime suspect because he was with Surendra at the time of attack but robbers did not attacked on him. Police tries hard to find the clue but they do not get any lead.

Police puts their stolen mobile phone on surveillance and one of the mobile phone gets activated after to years. Police arrests the man who is using that mobile and he tells polcie that he recently bought this mobile from someone else.

​सुरेन्द्र और मनप्रीत भाई है जिनमे सुरेन्द्र बड़ा है और पूरा परिवार वही संभालता है. सुरेन्द्र शादीशुदा है और उसकी पत्नी का नाम नवनीत है. इन तीनो के अलावा सुरेन्द्र के माँ-बाप भी उनके साथ ही रहते हैं. पांच लोगों का ये परिवार हसी ख़ुशी रह रहा है. सुरेन्द्र अपने दोस्त कुलजीत के साथ काम पर आता जाता है. एक शाम को काम से लौटते समय तीन लोग उन्दोनो को रास्ते में रोकते हैं. रोकते ही वो लोग लाल मिर्च का पाउडर इनदोनो पर डालते हैं उसके बाद इनमे से एक आदमी सुरेन्द्र पर लोहे की सरिया से वार करता है. वो तीनो लोग सुरेन्द्र और कुलजीत का पर्स और मोबाइल ले जाते हैं और दोनों को वहीँ छोड़ देते हैं.

सुरेन्द्र लहुलुहान हो चुका है. किसी तरह कुलजीत और मनप्रीत सुरेन्द्र को अस्पताल ले जाते हैं. सुरेन्द्र की हालत गंभीर है. कुछ दिन अस्पताल में रहने के बाद सुरेन्द्र की मौत हो जाती है. पुलिस का पहला शक कुलजीत है जो की सुरेन्द्र के साथ था और हमलावरों ने उसको सही सलामत छोड़ दिया. पुलिस हर कोशिश करती है सबूत इकठ्ठा करने की मगर उनको कोई भी सफलता हाथ नहीं लगती है.

दोनों के छीने गए मोबाइल सर्विलांस पे डाल दिया जाता है जो की एक्टिवटे होता है दो साल बाद. पुलिस उस आदमी को पकडती है जो ये मोबाइल इस्तेमाल कर रहा है. पूछताछ करने पर पता चलता है की उसने ये मोबाइल किसी और से ख़रीदा है.

SonyLiv
Part 1: http://www.sonyliv.com/watch/crime-patrol-satark-2nd-may-2015-pratishtha-part-2-1
Part 2: http://www.sonyliv.com/watch/crime-patrol-satark-3rd-may-2015-apmaan-1

YouTube
Part 1: https://youtu.be/K9PtLaRYKMI
Part 2: https://youtu.be/vMLG3UXVA2g



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Posted On: Saturday, May 2, 2015

Pratishtha: Love marriage turns family killing (Episode 501, 502 on 1st, 2nd May 2015)

Amar and Asha loves each other and wants to get marry. Amar belongs to a big family who has their recongnition in the society while Asha comes from a low class family. Amar's father is against their relation because according to him Asha and her mother both has relation with other men. Still they are in touch and get marry to each other.

Few years has passed. They are now parent of 2 kids but during this their relation also got bitter.


YouTube:
Part 1: https://youtu.be/rOPicIssKLk
Part 2: https://youtu.be/K9PtLaRYKMI

Inside story of the case:
http://thrill-suspense.blogspot.com/2015/05/crime-patrol-missing-family-of-five.html

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